वो देखता रहा हमने इजहार कर दिया
उसकी खूबसूरती ने कमाल कर दिया,
वो देखता रहा हमने इजहार कर दिया,
हम जानते नहीं उसे उतनी करीबियत से,
बस उनकी नजरों ने बेकरार कर दिया,
जो बातें उनकी आंखें बयां करती थी,
बस गुनाह इतना है,
हमने होठो से इजहार कर कर दिया,
हम जानते नहीं उनकी खामोशी की वजह,
बस उसका दर्द हाल बयां कर दिया,
उसकी खूबसूरती ने कमाल कर दिया,
वह देखता रहा हमने इजहार कर दिया,
माना उम्र और तजुर्बा कम है तुमसे,
पर क्या करें इश्क ने पैगाम कर दिया,
तू ही मेरा खुदा है पैगंबर सा इश्क मेरा,
मैंने सारी आदतों को तेरे नाम कर दिया,
तेरे दर्द की वजह नहीं बनना चाहते हैं,
हमने तो ख्वाबों में अपनी, तेरा मुस्कान कर दिया,
तूने तो सिर्फ कुछ वक्त लिया है,
हमने तो जिंदगी भर के इंतजार को, नाम कर दिया,
ना जाने उसकी दिल की बातें हमसे अनजान क्यों रही,
वो देखता रहा हमने इजहार कर दिया

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