सारे शहर में दर्द फैला हुआ है,
लगता है आज कोई शायर अकेला हुआ है,
शौक मेरा शायरी का लफ्ज़ ऐसे पीरोता है,
हंसी भी ले आता है पलके भी बिग होता है,
मोहब्बत ने दावत क्या दी, वफादार तड़पे तड़पे भागे,
हैरानी तो तब हुई, जब कतार में दिखें बेवफा सबसे आगे,
हमारी खता जो हम इन बत्तमीजो को जिंदगी में खास करते हैं।
कुछ ऐसे भी हैं मेरे शहर में जो अच्छा लिखते हैं,
कुछ ऐसे भी हैं जो बकवास करते हैं,
यही हादसा मेरे साथ बार-बार हुआ,
खुद का बनाया हुआ मेरा तीर मेरे आर पार हुआ,
मैं एक सदमे में हूं एक सदि यार,
जब से मेरी मोहब्बत को किसी और से प्यार हुआ,
कम नहीं बाशिंदे शहर भी काफी बड़ा है,
फिर भी देखो यार हर शक्स अकेला खड़ा है,
गिन गिन कर गुमान तोड़े हैं,
तीरो से कमान तोड़े हैं,
हमारे आगे बात ना करना चांद तारों की,
हमने इश्क में आसमान तोड़े हैं,
तुमको याद करते करते हम खुद को इस कदर भूल गए,
कांच की प्याले की तरह टूट सारे वसूल गए,
अदालत इश्क की लगी तो सामने आया,
गुनाह तेरा था और हम फंदे पर झूल गए हैं,
Lovely Gudiya Library

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