तुम्हें भूल पाना मुश्किल है
तुम्हें इस बात पर यकीन नहीं आने वाला,
खूबसूरत था मुझे छोड़कर जाने वाला,
बिछड़ते वक़्त मुझे हर खत्त लुटाना था,
अगर जल्दी में ना होता लिखने वाला,
तुम्हारी तस्वीर बनाने में,
कितने पागल हैं जमाने में,
मैं भी तुमसे मिलकर जानुगां,
ऐसा क्या है उस दीवाने में,
इश्क में जान मैं भी दे सकता था,
क्या लगता है मर जाने में,
बेताबो सी सांसो की रवानी मेरी,
मैं दीवाना तेरा तू दीवानी मेरी,
सिर्फ लफ्जों से मुकम्मल होते नहीं मेरे शेर,
खूबसूरत भी है तो वानी मेरी,
आजकल कुछ ज्यादा ही दर्द दिखता है,
ओ लेखक अलग और रंग अलग लिखता है,
मोहब्बत लिखना कुछ इसलिए छोड़ रहा है ओ,
कौड़ीयो के भाव बाजार में जो बिकता है,
मेरे घर की दीवारें और ये दरवाजा बोलता है,
पुकारता है तुझे वापस आजा बोलता है,
दिल कुछ इस तरह हुकूमत चलाता है मुझ पर,
जैसे अपनी प्रजा से कोई राजा बोल रहा है,
तुम्हें भूल पाना मुश्किल है,
तुम्हारी जिंदगी से जाना मुश्किल है,
आंखें देखकर पहचान लो कि सच क्या है,
अब तुम्हारी कसम खाना मुश्किल है,
अपने जज्बातों को जलाना चाहता हूं,
खुद को मिट्टी में मिलाना चाहता हूं,
कोई शराब का शहर जानते हो तो बताओ,
आज इस सागर को उस सागर में डूबाना चाहता हूं,
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