आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे | Poetry In Hindi (Poem) | lovely gudiya library

 आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे



जो अक्सर डायरी में छुपा देते हैं दर्द अपना,

उनका दर्द बयां करना है मुझे,

और जी हां आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे,

जो अक्सर सबको हर रिश्ते की सच्चाई से रूबरू करवाता है,

एक दर्द उसका ऐसा भी होता है जो सबसे छुपाता है,

उसके उसी दर्द का मरहम बनाना है मुझे,

और जी हां आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे,

उसे भी अपनी जिंदगी से बहुत ही शिकायते होती हैं,

पर उसके आंसुओं से पहले उसके चेहरे पर मुस्कुराहट होती हैं,

उसके कागज पर चलने वाली कलम बनना है मुझे,

जी हां लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे,

की लिखने वालों को सुनना तो सब चाहते हैं,

पर उनका होना नहीं चाहते हैं,

और उनसे खुशी की वजह चाहते हैं,

पर उनके गम में रोना नहीं चाहते,

इसलिए शायर की मोहब्बत बनना है मुझे,

और जी हां आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे

जो अक्सर डायरी में छुपा देते हैं दर्द अपना,

उनका दर्द बयां करना है मुझे,

और जी हां आज लिखने वालों के लिए लिखना है मुझे,

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