ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है
ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है,
चलो फिर यहां से यहाँ खुशियां नहीं है,
यहां इंसान है पागल समझता नहीं है,
ये नारी का इज्जत भी करता नहीं है,
ये राते हैं काली-काली हैं बातें,
उतर आओ चंडी से हे चंडी माते,
गजर अब ये सारे गिरने लगे हैं,
जग में अधर्मी भी बढ़ने लगे हैं,
जग मे सुरक्षित बिटिया नहीं है,
ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है,
चलो फिर यहां से यहां खुशीया नहीं है,
हे गिरधर गोपाला तुम भी तो आओ,
आकर के मुरली मधुर फिर बजाओ,
देखो ए गईया भटके हैं सारी,
हैं भूखि और प्यासी ए गईया तुम्हारी,
नसीबो में इनके मड़ैया नहीं है,
ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है,
चलो फिर यहां से यहां खुशियां नहीं है,
हे राजन हे राम तुम भी तो आओ,
कुछ मेरी सुनो कुछ अपनी सुनाओ,
देखो ये पूजा कहां जा रही है,
अंधों के पीछे चली जा रही है,
कहीं देखन तो इनके अंखिया नहीं है,
ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है,
चलो फिर यहां से यहां खुशियां नहीं है,
ये इश्क ये दीवानों क्या तुमको पता है,
मोहब्बत की कितनी बड़ी सजा है,
तड़पती है लैला मरता है मजनू,
ये किस्सा तो तुमने सुना ही सुना है,
ये तुमको कहानी सुनाई नहीं है,
ये दुनिया है जालिम ये दुनिया नहीं है,
चलो फिर यहां से यहां खुशियां नहीं,
Lovely Gudiya Library

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