इस ख़त के जरिए तुम्हे एक फरमान कहते है || IS KHAT KE JAEIYE TUMHE EK FARMAN KAHTE HAI || #SHAYARI #POETRY #GAJAL

इस ख़त के जरिए तुम्हे एक फरमान कहते है 


इस ख़त के जरिए तुम्हे एक फरमान कहते है

हा हम तुम्हे आज बैमान कहते है |

यु तो कोई जान ले ना सका हमारी  |

और जो जान ले कर गया हम ऊसी को जान कहते है |

जिंदगी अपनी खुली किताब कर दी थी |

हमसे खता ये हुई की |

हम तुमसे मोहब्बत तुमसे बे हिसाब कर ली थी |

वक्त पर साबित कर दिया करो की \

बाद में कोई एतबार नहीं करता |

जो दिल से खूब सुरत न हो \

उसे कोई प्यर नहीं करता |

ऐ मोहब्बत का काफला है |

यहाँ हाथ थामे चला करो |

जो हाथ छुट जाये तो कोई इंतजार नहीं करता |


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