मुझसे अब इस तरह से प्यार नहीं होगा || MUJHSE AB IS TARAH SE PYAR NAHI HOGA || #GTALKS #POETRY #SHAYARI

 उसे दूर जाना ही अब मुनासिब लगता है |

क्योंकि वो मेंरी हर कमजोरी से वाकिफ लगता है |

और किस मुह से मिलाऊ उसे खानदान से भला |

मुझे तो यहाँ हर किसी  का आशिक लगता है |


की उसकी फितरत से वाकिफ हो कर भी |

उसे अपनाया मैंने किसी अपने को खोकर भी |

और उसने मेरे साथ ही वही किया यारो |

ओ आज भी उन नकीबो से बात करता है मेरा हो कर भी |


की वो मुझसे झुठ बोलता जा रहा है |

ना जाने वो लड़का कहा जा रहा है |

और हर बार माफ कर देती थी मै उसे ए सोच कर |

की सायद ओ इस बार मेरी तरफ आ रहा है |

Post a Comment

0 Comments